पूर्णिया, नेवालाल चौक पर 23 जुलाई की रात शुभम कुशवाहा पर हुई जानलेवा फायरिंग कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कई दिनों की रेकी, सुनियोजित साजिश और 6 लाख रुपये की सुपारी का खेल था। पूर्णिया पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल गोलीकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि जांच में सामने आया है कि यह हमला जनवरी में हुए सूरज बिहारी हत्याकांड की रंजिश का नतीजा था।पुलिस के अनुसार, सूरज बिहारी की हत्या के बाद उसके भाई उदय बिहारी को शक था कि शुभम कुशवाहा भी उस हत्याकांड में शामिल था। इसी शक के आधार पर उसने शुभम की हत्या के लिए श्याम यादव को 6 लाख रुपये की सुपारी दी। इसके बाद श्याम यादव ने आयान खान से संपर्क कर पूरी साजिश रची और देवा यादव, राजदीप तथा गौरव को शामिल कर हत्या की योजना बनाई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अपराधियों ने कई दिनों तक शुभम की गतिविधियों पर नजर रखी। उन्हें पता था कि शुभम हर रात करीब 8 से 9 बजे के बीच नेवालाल चौक स्थित एक चाय दुकान पर आता है। 23 जुलाई की रात जैसे ही शुभम अपने रिश्तेदार सागर कुशवाहा के साथ वहां पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे 5 से 6 बदमाशों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
गोली लगने के बावजूद शुभम और सागर मौके से निकलने में सफल रहे। दोनों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।घटना के बाद एसएसपी के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-1 अभिनव परासर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार छापेमारी के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने बताया कि आयान खान सहित एक अन्य आरोपी अभी फरार है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।







