पूर्णिया के अमर बाल शहीद ध्रुव कुंड की शहादत को आज भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ याद किया गया। महज 13 वर्ष की उम्र में 13 अगस्त 1942 को भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान ब्रिटिश पुलिस की गोलीबारी में ध्रुव कुंड शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की स्मृति में पूर्णिया के ध्रुव उद्यान पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में शहर के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और अमर बाल शहीद के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने ध्रुव कुंड के साहस और देश की आजादी के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के कार्यकाल में पूर्णिया में अमर बाल शहीद ध्रुव कुंड की स्मृति में इस पार्क का निर्माण कराया गया था। पार्क का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से परिचित कराना भी रहा है।
युवाओं को ध्रुव कुंड के बलिदान से जोड़ने की मांग
कार्यक्रम में मौजूद शहर के लोगों ने चिंता जताई कि वर्तमान पीढ़ी और खासकर युवा धीरे-धीरे अमर बाल शहीद ध्रुव कुंड के बलिदान को भूलते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे वीर सपूतों के संघर्ष और शहादत की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।श्रद्धांजलि आयोजन समिति के सदस्य शौर्य राय ने कहा कि ध्रुव उद्यान पार्क में अमर बाल शहीद ध्रुव कुंड की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने की जरूरत है। पार्क में उनकी प्रतिमा, स्मारिका अथवा स्थायी जानकारी पट्ट लगाया जाना चाहिए, ताकि यहां आने वाले युवाओं और आम लोगों को उनके जीवन, संघर्ष और देश के लिए दिए गए बलिदान की जानकारी मिल सके।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक बार फिर पूर्णिया के इस अमर बाल शहीद की शहादत को लोगों के सामने जीवंत कर दिया। महज 13 वर्ष की उम्र में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले ध्रुव कुंड का बलिदान आज भी देशभक्ति और साहस की प्रेरणा देता है।







