धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
कसबा, पूर्णिया। 26 अगस्त को मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं जुलूस को लेकर कसबा प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में शांति समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सदर पूर्णिया के अनुमंडल पदाधिकारी तुषार कुमार ने की। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।बैठक को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी तुषार कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से सभी वर्गों के पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी लोगों के लिए इन गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य
एसडीओ ने स्पष्ट किया कि मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर निकलने वाले जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने आयोजन समिति एवं जुलूस में शामिल लोगों से प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जुलूस या अन्य कार्यक्रमों में डीजे का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित मार्ग, समय एवं अन्य प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना होगा। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखने की अपील की।
कसबा में मिल-जुलकर पर्व मनाने की परंपरा : बमबम साह
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय प्रभारी सह अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष बमबम साह ने कहा कि कसबा में हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की पुरानी परंपरा रही है। यहां सभी समुदाय के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहार में मिल-जुलकर शामिल होते रहे हैं।उन्होंने कहा कि कसबा की पहचान आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता के रूप में रही है। इस परंपरा को आगे भी कायम रखना सभी की जिम्मेदारी है।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है कसबा : हसमत अली
जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हसमत अली ने कहा कि कसबा में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के लोग लंबे समय से गंगा-जमुनी तहजीब के अनुरूप सभी पर्व-त्योहारों को मिल-जुलकर मनाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारा, प्रेम और शांति का संदेश देने का अवसर भी होते हैं।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मोहम्मद साहब की जयंती भी आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में मनाई जाए, ताकि कसबा से पूरे जिले में भाईचारे का सकारात्मक संदेश जाए।
प्रशासन ने लोगों से की सहयोग की अपील
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस-प्रशासन को दें। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने सभी समुदाय के लोगों से सहयोग की अपील की।बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी मधु कुमारी, अंचलाधिकारी निशांत कुमार, थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, मो. आबिद, मो. तौसीक उर्फ मिट्ठू, मो. विक्टर, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मिथलेश यादव उर्फ मिट्ठू यादव, प्रिंस शर्मा सहित विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारी एवं सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।बैठक के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने प्रशासन को शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करने तथा कसबा की आपसी एकता और भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने का भरोसा दिलाया।








