बिहार में अपनी लंबित मांगों को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटरों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के आह्वान पर पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में पूर्णिया में भी डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष दिलीप यादव के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ऑपरेटरों ने पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की।
पूर्णिया शहर में निकाला गया यह पैदल मार्च थाना चौक से शुरू हुआ। यहां से प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए गिरजा चौक पहुंचे और फिर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आरएन शाह चौक पहुंचे, जहां मार्च का समापन हुआ। इस दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटरों में अपनी मांगों को लेकर खासा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर सरकार से वर्षों से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
इस मौके पर बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों और कार्यालयों में डाटा एंट्री ऑपरेटर लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। सरकारी कार्यों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, बावजूद इसके उन्हें अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेटर लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी नौकरी की सुरक्षा, सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
दिलीप यादव ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बिहार के सभी डाटा एंट्री ऑपरेटरों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उनकी सेवाओं का नियमितीकरण करते हुए सरकारी व्यवस्था में समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा देने वाले ऑपरेटरों को उनका उचित अधिकार मिलना चाहिए। केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा, सरकार को उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेना होगा।
जिला अध्यक्ष ने आंदोलन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है और जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो संगठन की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपनी मांगों और अधिकारों की लड़ाई को लेकर बिहार के डाटा एंट्री ऑपरेटर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य अपनी सेवा को सुरक्षित कराना और भविष्य को लेकर स्पष्ट सरकारी निर्णय प्राप्त करना है।
पूर्णिया में निकाले गए इस पैदल मार्च के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस आंदोलन और ऑपरेटरों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल संगठन ने साफ संकेत दे दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।







