धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णिया के कसबा प्रखंड के सब्दलपुर पंचायत के वार्ड नंबर 12 में बदहाल सड़क अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा है और पूरा रास्ता कीचड़ से सराबोर है। हालात ऐसे हैं कि सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है और इसी बदहाल रास्ते से होकर स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों को आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सिर्फ एक मोहल्ले को जोड़ने वाला रास्ता नहीं है, बल्कि कई गांवों को आपस में जोड़ती है और महादलित बस्ती तक पहुंचने का मुख्य मार्ग भी है। सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी बदतर हो गई है। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच से होकर छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के कपड़े और जूते कीचड़ से खराब हो जाते हैं और उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि बीमार मरीजों को भी इस रास्ते से अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। सड़क की बदहाली के कारण जरूरत के समय वाहन पहुंचने में भी परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
विधायक से लेकर सांसद तक लगाई गुहार
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई। विधायक से भी गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सांसद तक भी अपनी समस्या पहुंचाई है, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से आश्वासन तो मिलता रहा, लेकिन सड़क की हालत सुधारने के लिए अब तक ठोस पहल नजर नहीं आई।
अब जिलाधिकारी से लगाई गुहार
लगातार परेशानी झेल रहे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने अब पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों और संबंधित लोगों की ओर से जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर सड़क की स्थिति से अवगत कराया गया है और जल्द से जल्द सड़क का निर्माण अथवा मरम्मत कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता कई गांवों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में सड़क की बदहाली को केवल स्थानीय समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब सुधरेगी सड़क?
सब्दलपुर के वार्ड नंबर 12 के लोगों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक उन्हें कीचड़ और जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर सड़क का निर्माण या मरम्मत कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
बदहाल सड़क की तस्वीरें विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं, वहीं ग्रामीण अब आश्वासन नहीं बल्कि सड़क के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।








