धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णियाँ ब्यूरो
पूर्णिया में लायंस क्लब की ओर से डायबिटीज जागरूकता, स्वास्थ्य जांच और CPR प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में तत्काल मदद करने के लिए जागरूक करना और उन्हें CPR की बुनियादी तकनीक से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पूर्णिया के वरिष्ठ चिकित्सक, कार्डियोलॉजिस्ट और लायंस क्लब पूर्णिया के संरक्षक डॉ. देवी राम ने स्वयं CPR का डेमोंस्ट्रेशन कर लोगों को इसकी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति किसी भी व्यक्ति के साथ अचानक और कहीं भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और चिकित्सकीय सहायता मिलने तक आसपास मौजूद व्यक्ति द्वारा CPR दिए जाने से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है।
डॉ. देवी राम ने लोगों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से बताया कि ऐसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्रतिक्रिया देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि CPR केवल चिकित्सकों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी उपयोगी जीवनरक्षक कौशल है। उन्होंने लोगों से CPR की जानकारी हासिल करने और जरूरत पड़ने पर उसका सही तरीके से इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट और यूट्यूब जैसे माध्यमों से CPR की तकनीक की बुनियादी जानकारी हासिल की जा सकती है। हालांकि आपात स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति से सहायता लेना और जल्द से जल्द मेडिकल इमरजेंसी सेवा तक पहुंचना भी जरूरी है।
वहीं लायंस क्लब पूर्णिया की सचिव नैना प्रसाद ने बताया कि क्लब की ओर से डायबिटीज और CPR को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ अचानक उत्पन्न होने वाली मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। इसमें कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह दी। डायबिटीज जैसी बीमारी को लेकर भी लोगों को नियमित जांच और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया।
लायंस क्लब की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में CPR को लेकर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण खास आकर्षण रहा। डॉक्टर द्वारा स्वयं डेमोंस्ट्रेशन किए जाने से लोगों को यह समझने में मदद मिली कि आपात स्थिति में किस तरह तत्काल सहायता की जा सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है और CPR की जानकारी आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशल साबित हो सकती है।








