कसबा (पूर्णिया)। महागणपति महोत्सव सह श्री गणेश नवरात्र के सातवें दिन रविवार की संध्या पूजन के बाद कसबा सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में लोकगाथा एवं पौराणिक नाच का भव्य आयोजन किया गया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष प्रशांत झा के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में कटिहार जिले के हापलगंज और झारखंड से पहुंचे रंगकर्मियों ने सामाजिक नाटक ‘भाभी का प्यार’ का मंचन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रशांत झा, बमबम साह एवं रंगकर्मियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। नाटक में पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक मर्यादा और आपसी सम्मान को केंद्र में रखते हुए भाभी और देवर के रिश्ते की गरिमा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों की प्रस्तुति में पारिवारिक रिश्ते की संवेदनशीलता और सामाजिक मूल्यों को इस तरह दिखाया गया कि दर्शकों को रामायण के सीता और लक्ष्मण के रिश्ते की मर्यादा और भावनात्मक जुड़ाव की याद आई। प्रस्तुति के माध्यम से रंगकर्मियों ने पारिवारिक संबंधों की गरिमा, सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
लोकगाथा और पौराणिक नाच के इस आयोजन में स्थानीय संस्कृति के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों की लोक कला का भी संगम देखने को मिला। कलाकारों ने अपनी पारंपरिक शैली और अभिनय के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मंच पर जीवंत किया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुति का देर रात तक आनंद लिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे। महागणपति उत्सव के सातवें जागरण के रूप में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोग डी.बी.पी. साह मैदान स्थित आयोजन स्थल पर पूरी रात मौजूद रहे। कार्यक्रम का सिलसिला सोमवार सुबह करीब 6 बजे तक चला, जिसके बाद दर्शक अपने-अपने घर लौटे।वहीं, सोमवार को श्री गणेश नवरात्र के आठवें दिन धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। आयोजन स्थल पर श्री गणेश प्रतिमा के साथ श्री गौरीशंकर, श्री लक्ष्मीनारायण, श्री कार्तिकेय, मां सरस्वती, मां अशोकासुंदरी तथा मां रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमाओं की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर सवा लाख बेलपत्र अर्पित कर विशेष पूजा एवं अभिषेक किया गया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश एवं अन्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया।
महागणपति महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और सामाजिक संदेश को भी मंच प्रदान किया जा रहा है।







