धर्मेन्द्र कुमार लाठ, पूर्णिया ब्यूरो
अमौर (पूर्णिया)। अमौर प्रखंड क्षेत्र के तियरपारा पंचायत स्थित आसियानी घाट पर रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नदी पर बना पुल अचानक भरभराकर ध्वस्त हो गया। इसी दौरान पुल से गुजर रहा एक 16 चक्का ट्रक पुल के साथ ही नदी में जा गिरा। पुल के अचानक टूटने और भारी वाहन के नदी में गिरने की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते आसियानी घाट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण नदी किनारे पहुंचकर हादसे की स्थिति का जायजा लेने में जुटे रहे। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में भी पुल के आसपास तथा नदी किनारे बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है।
पुल ध्वस्त होते ही नदी में गिरा ट्रक
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस समय पुल ध्वस्त हुआ, उस वक्त 16 चक्का ट्रक पुल के ऊपर से गुजर रहा था। पुल का हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिरा और उसके साथ ट्रक भी नदी में जा समाया। भारी वाहन के नदी में गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।ग्रामीणों ने बताया कि ट्रक में चालक और खलासी के सवार होने की बात सामने आई है। पुल टूटने के बाद दोनों के ट्रक में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चालक और खलासी की वास्तविक स्थिति तथा किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हादसे के बाद राहत-बचाव की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में गिरे ट्रक तक पहुंचकर उसमें सवार लोगों की तलाश करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही नदी में किसी अन्य व्यक्ति के गिरने की आशंका को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में भी खोजबीन कराने की मांग की गई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने और लोगों को नदी के आसपास जाने से रोकने की भी मांग की है, ताकि बचाव अभियान के दौरान किसी तरह की दूसरी अप्रिय घटना न हो।
पुल की मजबूती और रखरखाव पर उठे सवाल
पुल के अचानक ध्वस्त होने के बाद स्थानीय लोगों में पुल की मजबूती, निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल की संरचना पहले से कमजोर थी या उसमें किसी प्रकार की तकनीकी समस्या थी, तो समय रहते इसकी जांच क्यों नहीं कराई गई।भारी वाहनों के लगातार आवागमन को देखते हुए पुल की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुल के निर्माण से लेकर वर्तमान स्थिति तक की जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
आवागमन पर पड़ा असर
पुल के ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। आसियानी घाट आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। पुल टूट जाने के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि आसपास के गांवों के लोगों को जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में परेशानी न हो। वहीं, पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था कराने की भी मांग की गई है।
प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल हादसे में ट्रक चालक और खलासी की वास्तविक स्थिति, किसी व्यक्ति के हताहत होने तथा वाहन एवं पुल को हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारी एवं बचाव दल के घटनास्थल पर पहुंचने और राहत-बचाव अभियान के बाद ही हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई और राहत-बचाव अभियान पर टिकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हादसे की तकनीकी जांच कराकर पुल ध्वस्त होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।








