धर्मेन्द्र कुमार लाठ, पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णियां। शहर के आर्ट गैलरी स्थित प्रेक्षागृह में तेजस युवा उद्यमी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम में डीसी राजीव कुमार, डीआरडीए के निदेशक, इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य तथा एडीएम विधि-व्यवस्था राजकुमार गुप्ता सहित कई अधिकारी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपने हुनर एवं नए विचारों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान युवाओं ने भी स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बातें खुलकर रखीं।
स्टार्टअप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर
दिल्ली से पहुंचे तेजस के विशेष प्रतिनिधि स्नेहाशीष सिन्हा ने युवाओं को स्टार्टअप की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज युवा अपने नए विचारों और प्रतिभा के दम पर अपना व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं। सरकार की ओर से भी युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए ऋण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल आत्मनिर्भर बनने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए युवा दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी लेकर उसका लाभ उठाने की अपील की।
डीएम ने युवाओं को किया प्रोत्साहित
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि युवा अपनी क्षमता को सही दिशा में लगाएं और नए अवसरों की तलाश करें।डीएम ने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजन करने की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नए उद्यम खड़े होने से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिलते हैं।
युवाओं ने रखी अपनी समस्याएं और सुझाव
संवाद कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने स्टार्टअप शुरू करने में आने वाली चुनौतियों, ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण एवं व्यवसाय शुरू करने से जुड़े विभिन्न सवाल अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के समक्ष रखे।अधिकारियों एवं कार्यक्रम से जुड़े विशेषज्ञों ने युवाओं की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें उपलब्ध योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने तथा उन्हें स्वरोजगार के साथ रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि युवा यदि अपने हुनर और नए विचारों को सही दिशा में आगे बढ़ाएं तो पूर्णियां जैसे शहरों में भी स्टार्टअप और छोटे-बड़े उद्यमों के लिए बेहतर संभावनाएं तैयार की जा सकती हैं।








