धर्मेन्द्र कु लाठ पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णियां। शहर के टाउन हॉल में छात्र जदयू की ओर से आयोजित छात्र संवाद सह समीक्षा बैठक में छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई। कार्यक्रम में छात्र जदयू के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार और छात्र जदयू प्रभारी सह नालंदा विधायक रुहेल रंजन मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के साथ छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की रणनीति पर मंथन किया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष एवं नालंदा विधायक का छात्र जदयू जिलाध्यक्ष अंकित झा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। टाउन हॉल में बड़ी संख्या में छात्र जदयू के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक को संबोधित करते हुए छात्र जदयू प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समझने के लिए संगठन लगातार उनके बीच पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ छात्रों को होने वाली अन्य परेशानियों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्र जदयू का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाना और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराने की दिशा में काम करना है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
वहीं छात्र जदयू प्रभारी सह नालंदा विधायक रुहेल रंजन ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से छात्र हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों से लगातार संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक समस्याओं की जानकारी लेना जरूरी है, ताकि उन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की जा सके।
जदयू प्रदेश महासचिव निरंजन कुशवाहा ने कहा कि छात्र संवाद कार्यक्रम का सबसे बड़ा उद्देश्य छात्रों की बातों को सीधे सुनना है। छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें बेहतर तरीके से संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र जदयू आने वाले दिनों में भी छात्र हित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहेगा।
बैठक में जदयू महानगर जिलाध्यक्ष अविनाश कुमार सहित जदयू एवं छात्र जदयू के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संगठन को मजबूत करने, छात्रों के बीच लगातार संवाद बढ़ाने और विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक का संदेश साफ रहा कि छात्रों की समस्या अब सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसे संबंधित स्तर तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।








