धर्मेंद कु लाठ पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णिया शहीद-ए-आजम वीर भगत सिंह की जयंती के अवसर पर पूर्णिया में युवाओं की ओर से ‘भगत सिंह—विचार से संवाद तक’ संवाद रथ यात्रा निकाली गई। शहर में निकली इस रथ यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान देशभक्ति, सामाजिक चेतना और भगत सिंह के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
इस रथ यात्रा की खास बात रही चलंत पुस्तकालय, जिसमें भगत सिंह के जीवन, संघर्ष, क्रांतिकारी विचारों और देश के लिए उनके योगदान से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध थीं। शहर के अलग-अलग इलाकों में पहुंचने वाले इस चलंत पुस्तकालय के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को भगत सिंह के विचारों को पढ़ने और समझने का अवसर दिया गया।
शहर में गूंजा भगत सिंह का संदेश
संवाद रथ के जरिए युवाओं ने भगत सिंह के विचारों और उनके जीवन से जुड़े विषयों पर लोगों के बीच संवाद किया। रथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
आयोजकों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को केवल भगत सिंह के नाम और उनके बलिदान तक सीमित रखने के बजाय उनके विचारों, अध्ययन, तर्कशीलता और सामाजिक चेतना से जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संवाद रथ और चलंत पुस्तकालय की पहल की गई है।
दो दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर पहुंचेगा चलंत पुस्तकालय
शौर्य राय ने बताया कि चलंत पुस्तकालय को दो दिनों तक शहर के अलग-अलग स्थानों पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों तक भगत सिंह से जुड़ी पुस्तकें पहुंचाना है, ताकि लोग उनके जीवन और विचारों को स्वयं पढ़ें और समझें।
शौर्य राय ने कहा कि भगत सिंह केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज भी युवाओं को अध्ययन, सवाल करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की प्रेरणा देते हैं। इसी सोच के साथ चलंत पुस्तकालय की शुरुआत की गई है।
युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक चेतना का संदेश
वहीं राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि भगत सिंह की जयंती को केवल एक औपचारिक आयोजन के रूप में मनाने के बजाय इसे युवाओं के साथ संवाद और विचार-विमर्श से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें और विचार नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि युवाओं में देशभक्ति के साथ अध्ययन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। चलंत पुस्तकालय के माध्यम से युवाओं को भगत सिंह के जीवन और उनके विचारों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुस्तकों को लेकर लोगों में दिखी रुचि
चलंत पुस्तकालय में रखी भगत सिंह के जीवन और संघर्ष से संबंधित पुस्तकों को देखने और पढ़ने के लिए स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। युवाओं ने पुस्तकों में रुचि दिखाई और भगत सिंह के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
आयोजकों के अनुसार, संवाद रथ और चलंत पुस्तकालय अगले दो दिनों तक शहर के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचेगा। इसके जरिए लोगों को भगत सिंह के विचारों से जोड़ने और पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
भगत सिंह की जयंती पर पूर्णिया की सड़कों पर निकली यह रथ यात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास, विचार और सामाजिक चेतना से जोड़ने की एक पहल के रूप में सामने आई।








