नवीन कुमार रुपौली
पूर्णिया रुपौली प्रखंड क्षेत्र में कोसी नदी के बाढ़ का पानी कई ग्रामीण सड़कों पर बहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। खासकर भौवा प्रबल पंचायत के चोरहर बासा जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी तेज धार के साथ बह रहा था। सड़क पर पानी चलने के कारण तीन टंगा, बलिया होते हुए चोरहर बासा जाने वाले ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।बाढ़ के कारण सड़क पर पानी का बहाव तेज होने से पैदल यात्रियों के साथ-साथ दोपहिया एवं अन्य वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष सड़क पर तत्काल आवागमन बहाल कराने की मांग रखी।
ग्रामीणों की मांग पर तत्काल पहल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा ले रहीं रुपौली अंचल अधिकारी शिवानी सुरभि ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि सड़क पर ईंट के टुकड़े और छाय गिरा दिए जाएं तो पानी के बीच से आवागमन को काफी हद तक सुगम बनाया जा सकता है।ग्रामीणों की मांग के बाद सड़क पर ईंट के टुकड़े और छाय गिराने का काम शुरू कराया गया, ताकि चोरहर बासा एवं बलिया सहित आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सके और जरूरी आवागमन बाधित न हो।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंच रहीं अंचल अधिकारी
अंचल अधिकारी शिवानी सुरभि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रही हैं। वह गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे उनकी समस्याएं सुन रही हैं और मौके की स्थिति के अनुसार समाधान कराने का प्रयास कर रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों के क्षेत्र में पहुंचने से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर मिल रहा है। सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी स्थानीय स्तर पर पहल की जा रही है।
अंझरी, टोपरा और बिन टोली जाने वाले ग्रामीणों को भी राहत
बताया गया कि अंझरी गांव के अलावा टोपरा और बिन टोली जाने वाली मुख्य सड़क पर बने पुल के दोनों तरफ सड़क के किनारे आवश्यक सामग्री डाले जाने से आसपास की बड़ी आबादी को आवागमन में राहत मिली है। इस मार्ग से करीब 5 से 6 हजार की आबादी का आवागमन जुड़ा हुआ है।सड़क पर आवागमन सुचारू होने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों को भी विद्यालय आने-जाने और पठन-पाठन के लिए पहुंचने में सुविधा मिल रही है।
बाढ़ के बीच आवागमन बहाल रखना बनी प्राथमिकता
कोसी नदी के बढ़े जलस्तर और ग्रामीण इलाकों में पानी के फैलाव के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों का आवागमन सुचारू बनाए रखना है। ऐसे में प्रभावित सड़कों पर तत्काल राहत के तौर पर ईंट के टुकड़े और छाय डालकर रास्ता चलने लायक बनाने की पहल की जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बाढ़ के समय सड़क पर पानी का तेज बहाव होने से दैनिक जरूरतों, इलाज, बाजार और बच्चों की पढ़ाई के लिए आवागमन प्रभावित हो रहा था। सड़क पर अस्थायी व्यवस्था होने से लोगों को तत्काल राहत मिली है।








