पूर्णिया। बिहार सरकार की ओर से आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित सहयोग शिविर पूर्णिया में उस वक्त हंगामे का अखाड़ा बन गया, जब शिविर में मौजूद जनप्रतिनिधियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते मौके पर जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे और कुछ देर के लिए शिविर का माहौल पूरी तरह गरमा गया।दरअसल, पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र के चार-पांच वार्डों को मिलाकर सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में आम लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका और नगर निगम की महापौर विभा कुमारी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।
किसी मुद्दे को लेकर आमने-सामने आए समर्थक
बताया जा रहा है कि शिविर के दौरान किसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। एक-दूसरे के खिलाफ जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने लगे।हंगामे के कारण कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। शिविर में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे आम लोग भी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।
जनता ने पूछा—समस्या सुनने आए हैं या हंगामा करने?
शिविर में मौजूद लोगों ने जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की ओर से सहयोग शिविर का आयोजन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। ऐसे में अगर यहां ही जनप्रतिनिधियों के समर्थक आपस में हंगामा करेंगे तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा?
लोगों के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि सहयोग शिविर जनता की समस्या सुनने के लिए लगाया गया है या जनप्रतिनिधियों के हंगामे के लिए?
पुलिस के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद वरीय पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे मामला शांत हुआ और शिविर की गतिविधियां सामान्य हुईं।
विधायक ने जनप्रतिनिधियों को दी नसीहत
हंगामे के बीच पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों को नसीहत देते नजर आए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने का मकसद जनता की सेवा करना है। सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए।
विधायक ने यह भी कहा कि कुछ लोग जनप्रतिनिधि की भूमिका का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति या आपसी विवाद से ऊपर जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास होना चाहिए।
महापौर ने बताया जनता के लिए महत्वपूर्ण शिविर
वहीं नगर निगम की महापौर विभा कुमारी ने सहयोग शिविर के आयोजन को जनता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का सीधा अवसर मिलता है और समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाती है।महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए इस तरह के शिविर काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।
हंगामे के बीच उठे कई सवाल
एक ओर सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविर आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी शिविर में जनप्रतिनिधियों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन सहयोग शिविर में हुए इस हंगामे की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है।








