पूर्णिया में आरक्षण समीक्षा की मांग को लेकर धरना, योग्यता को प्राथमिकता देने की उठी आवाज

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धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो

पूर्णिया। शहर के थाना चौक पर आरक्षण समीक्षा अभियान के तहत एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना में शौर्य राय, एस.एम. झा, विमल सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और जाति व आर्थिक आधार के बजाय योग्यता को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की गई।धरना में शामिल लोगों ने कहा कि देश में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों और अवसरों की रक्षा जरूरी है, लेकिन साथ ही ऐसी व्यवस्था पर भी विचार होना चाहिए जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को उसकी प्रतिभा, मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

जन्म से नहीं, योग्यता से तय हो भविष्य
धरना को संबोधित करते हुए एस.एम. झा ने कहा कि उनका आंदोलन किसी दलित, महादलित या पिछड़े वर्ग के अधिकारों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि सवाल उस व्यवस्था का है, जिसमें किसी बच्चे की पहचान उसके सपनों, प्रतिभा और मेहनत से पहले उसके जन्म के आधार पर तय कर दी जाती है।उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का जन्म उसके भविष्य की अंतिम सीमा नहीं बनना चाहिए। हर बच्चे को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा साबित करने का समान अवसर मिलना चाहिए।

आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समय के साथ सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव आया है। ऐसे में आरक्षण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके और प्रतिभाशाली युवाओं को भी आगे बढ़ने का उचित अवसर मिले।धरना के दौरान वक्ताओं ने सरकार से इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और समीक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि समान अवसर और योग्यता आधारित व्यवस्था को लेकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।
थाना चौक पर आयोजित धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की अपील की।

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