कसबा (पूर्णिया)। कसबा नगर परिषद के वार्ड नंबर 20 में मदारघाट दरगाह के समीप कोसी नदी पर बना नवनिर्मित कलवर्ट टूटने से महंतबाड़ी, चौघड़िया और पोखर टोला के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कलवर्ट के क्षतिग्रस्त होने के बाद इन मोहल्लों का कसबा मुख्यालय से सीधा संपर्क लगभग पूरी तरह बाधित हो गया है। आवागमन ठप होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
समस्या से परेशान मोहल्ले के युवाओं ने समाजसेवी एवं अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष बमबम साह को मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। स्थानीय लोगों की परेशानी सुनने के बाद बमबम साह ने टूटे कलवर्ट का जायजा लिया और कहा कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महज रास्ता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, पुलिस सुरक्षा, बाजार और प्रशासनिक कार्यों तक पहुंचने का मुख्य माध्यम था।
उन्होंने कहा कि नवनिर्मित कलवर्ट का अचानक टूट जाना गंभीर चिंता का विषय है। इससे घनी आबादी वाले तीन मोहल्लों के लोगों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कसबा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से दो दिनों के भीतर कलवर्ट को दुरुस्त कर आवागमन बहाल करने की मांग की।
बमबम साह ने कहा कि अस्थायी व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए कोसी नदी पर स्थायी पुल का निर्माण जरूरी है। इसी मांग को लेकर 3 अगस्त को कोसी नदी के तट पर सांकेतिक धरना देने की घोषणा की गई है।
धरने में स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में शामिल होने की सहमति जताई है। बमबम साह ने कहा कि मदारघाट दरगाह क्षेत्र के लिए यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। कोसी नदी के दक्षिणी छोर पर स्थित करीब 600 वर्ष पुराना दरगाह शरीफ हिन्दू-मुस्लिम गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल है। यहां दोनों समुदायों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि 3 अगस्त को होने वाले सांकेतिक धरने के माध्यम से स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन और सरकार तक स्थायी पुल निर्माण की आवाज पहुंचाई जाएगी। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को मांग पत्र सौंपने के साथ ही जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण की दिशा में पहल करने की मांग की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कलवर्ट टूटने से परेशानी सामने आई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अब केवल पुल निर्माण से ही संभव है।







