आधी रात 12:01 बजे झंडा चौक पर फहराया गया तिरंगा, आजादी की ऐतिहासिक परंपरा में उमड़ा जनसैलाब

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धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो

पूर्णिया। देश की आजादी की यादों को संजोए पूर्णिया के ऐतिहासिक भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक बार फिर देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 14 अगस्त की मध्यरात्रि रात 12:01 बजे पूरे उत्साह और गौरव के साथ तिरंगा फहराया गया। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा झंडा चौक राष्ट्रभक्ति के नारों और तालियों की गूंज से भर उठा।
झंडा चौक पर आधी रात को तिरंगा फहराने की यह परंपरा कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि इसका इतिहास देश की आजादी के साथ जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि वर्ष 1947 में 14 अगस्त की रात जब देश की आजादी की घोषणा हुई थी, तब स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद सिंह और उनके सहयोगियों ने रेडियो पर आजादी की घोषणा सुनी थी। आजादी की खबर मिलते ही उनके भीतर उत्साह और देशभक्ति की भावना उमड़ पड़ी और उन्होंने इसी स्थान पर तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया था।इसी ऐतिहासिक घटना के बाद यह स्थान धीरे-धीरे झंडा चौक के नाम से प्रसिद्ध हो गया। तब से हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त की रात ठीक मध्यरात्रि के बाद 12:01 बजे यहां तिरंगा फहराने की परंपरा जारी है।

हजारों लोगों की मौजूदगी में हुआ ध्वजारोहण
इस वर्ष भी इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग झंडा चौक पहुंचे। रात बढ़ने के साथ ही चौक के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ती गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में तिरंगा फहराए जाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों के हाथों में तिरंगा और चेहरे पर देशभक्ति का उत्साह नजर आया।रात के 12 बजते ही लोगों की निगाहें ध्वजारोहण स्थल पर टिक गईं। 12:01 बजे जैसे ही तिरंगा फहराया गया, पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया। राष्ट्रगान के दौरान लोगों ने सम्मान के साथ तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

मिठाइयां बांटकर मनाई आजादी की खुशी
ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं। लोगों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की एकता, अखंडता एवं भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
ऐतिहासिक झंडा चौक पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक विजय खेमका, जदयू नेता मनीष वर्मा, मेयर विभा कुमारी, वार्ड पार्षद नवल जायसवाल, समाजसेवी अनिल चौधरी सहित शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस ऐतिहासिक परंपरा को पूर्णिया की गौरवशाली विरासत बताया।वक्ताओं ने कहा कि झंडा चौक पर आधी रात को तिरंगा फहराने की परंपरा नई पीढ़ी को देश की आजादी के इतिहास से जोड़ती है। यह आयोजन सिर्फ ध्वजारोहण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष की याद भी दिलाता है, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है झंडा चौक की परंपरा
पूर्णिया का झंडा चौक आज भी आजादी के उस ऐतिहासिक दौर की याद को अपने भीतर संजोए हुए है। 1947 में जिस स्थान पर आजादी की खुशी में पहली बार तिरंगा फहराया गया था, उसी स्थान पर दशकों बाद भी आधी रात को तिरंगा फहराने की परंपरा जारी रहना अपने आप में गौरव की बात है।यह आयोजन हर वर्ष लोगों को यह संदेश देता है कि आजादी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, बलिदान और त्याग का परिणाम है। झंडा चौक पर आधी रात को फहराया जाने वाला तिरंगा पूर्णिया की देशभक्ति और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बन चुका है।

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