पूर्णिया धर्मेन्द्र कुमार लाठ
पूर्णिया के गुलाबबाग में करोड़ों रुपये के कथित कारोबारी विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 4 करोड़ 89 लाख 18 हजार 697 रुपये के बकाया भुगतान से जुड़े इस मामले में राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सदर एसडीपीओ प्रथम अभिनव पराशर ने प्रेस वार्ता कर गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पान मसाला, रजनीगंधा और तुलसी जर्दा की आपूर्ति से जुड़े इस मामले में शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला गुलाबबाग स्थित बालाजी मशीनरी और किशनगंज के आर.एम. वेयरहाउस से जुड़े कारोबारी लेनदेन का बताया जा रहा है। बालाजी मशीनरी के संचालक संजीत कुमार अग्रवाल के पुत्र शोभित कुमार अग्रवाल ने सदर थाना, पूर्णिया में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन में राहुल अग्रवाल, उनकी पत्नी प्रिया अग्रवाल और संदीप अग्रवाल को लेकर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि कारोबार के सिलसिले में माल की आपूर्ति करने के बाद उनकी फर्म की करोड़ों रुपये की रकम बकाया रह गई।
कारोबारी संबंध के बाद माल की आपूर्ति
शिकायतकर्ता के आवेदन के अनुसार, उनके पिता की बालाजी मशीनरी नामक फर्म गुलाबबाग के जीरोमाइल क्षेत्र में स्थित है। यह फर्म पान मसाला, रजनीगंधा और तुलसी जर्दा के वितरण का कारोबार करती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता को आंखों से देखने में परेशानी होने के कारण वह कारोबार की जिम्मेदारी संभालते हैं।
आवेदन में कहा गया है कि 8 जून 2026 को राहुल अग्रवाल, उनकी पत्नी प्रिया अग्रवाल और संदीप अग्रवाल गुलाबबाग स्थित उनके कार्यालय पहुंचे थे। वहां व्यवसाय के लिए पान मसाला, रजनीगंधा और तुलसी जर्दा खरीदने को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद 9 और 10 जून 2026 को संबंधित फर्म को माल की आपूर्ति की गई।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में पांच इनवॉइस का उल्लेख किया है। इनमें BM/TI/2627/1194, 1195, 1202, 1203 और 1204 शामिल हैं। उनका दावा है कि इन इनवॉइस के माध्यम से माल की आपूर्ति की गई थी और इसके बाद उनकी फर्म का कुल 4,89,18,697 रुपये बकाया हो गया। शिकायतकर्ता ने माल की आपूर्ति से संबंधित इनवॉइस और रिसीविंग की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न करने की बात कही है।
चार करोड़ से अधिक की रकम नहीं मिलने का आरोप
शोभित कुमार अग्रवाल का आरोप है कि माल की आपूर्ति के बाद जब उन्होंने बकाया भुगतान की मांग की, तो संबंधित लोग लगातार टालमटोल करने लगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने कई बार किशनगंज जाकर भुगतान के लिए अनुरोध किया, लेकिन रकम नहीं मिली।
उनका कहना है कि लंबे समय तक भुगतान नहीं होने से उनकी फर्म को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने बकाया राशि के भुगतान के लिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और उन्हें भुगतान के बजाय धमकी का सामना करना पड़ा।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
आवेदन में शोभित कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि बकाया राशि मांगने पर राहुल अग्रवाल ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और भुगतान करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि कारोबारी विश्वास का लाभ उठाकर माल प्राप्त किया गया और उसकी राशि रोककर उनकी फर्म को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि, धोखाधड़ी, जालसाजी, अमानत में खयानत और धमकी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसडीपीओ प्रथम अभिनव पराशर ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सदर एसडीपीओ प्रथम अभिनव पराशर ने प्रेस वार्ता कर बताया कि राहुल कुमार की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। कारोबारी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, माल की आपूर्ति के इनवॉइस, रिसीविंग और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में राहुल अग्रवाल, उनकी पत्नी प्रिया अग्रवाल और संदीप अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से राहुल कुमार का नाम बताया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पूरी पहचान और आवेदन में नामजद व्यक्तियों से उसका संबंध आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
फिलहाल, सदर एसडीपीओ प्रथम अभिनव पराशर के अनुसार एक गिरफ्तारी हुई है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। मामले में आरोपित पक्षों का बयान तथा पुलिस जांच के विस्तृत निष्कर्ष सामने आना बाकी है। करीब 4.89 करोड़ रुपये के कथित बकाया से जुड़े इस मामले में अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध या असिद्ध मानने का निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।







