धर्मेन्द्र कु लाठ पूर्णिया
पूर्णिया। दुर्गा पूजा के दौरान शहर में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्णिया पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में रजनी चौक से एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च में सदर एसडीओ, नगर आयुक्त, सदर एसडीपीओ समेत पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल हुए। अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में निकला यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों से होकर गुजरेगा। इसके माध्यम से आम नागरिकों, श्रद्धालुओं और पूजा समितियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के साथ शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया गया।
दुर्गा पूजा के दौरान शहर के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी तेज हो जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्णिया पुलिस ने फ्लैग मार्च के जरिए अपनी तैयारियों का संदेश दिया।
SSP डॉ. शौर्य सुमन के नेतृत्व में सड़क पर उतरा पुलिस बल
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अगुवाई में निकाले गए फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों और जवानों की भागीदारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता को सामने रखा। सदर एसडीओ, नगर आयुक्त और सदर एसडीपीओ की मौजूदगी से स्पष्ट हुआ कि दुर्गा पूजा के दौरान शहरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है।
फ्लैग मार्च का उद्देश्य केवल पुलिस की मौजूदगी प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना और असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था के प्रति सचेत करना भी है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से गुजरने वाले इस मार्च के जरिए प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण पूजा पर प्रशासन का जोर
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पंडालों में पहुंचते हैं। परिवारों के साथ लोग मेला देखने निकलते हैं, वहीं बाजारों और प्रमुख सड़कों पर भी भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्कता, अनुशासन और आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी भय के पूजा में शामिल हों और शहर में त्योहार का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।
फ्लैग मार्च के जरिए लोगों से अपील की गई कि वे आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा मनाएं। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी सूचना को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित न करें। यदि किसी इलाके में संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
प्रशासनिक समन्वय से मजबूत होगी शहर की व्यवस्था
दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ यातायात और शहरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी जरूरी है। पूजा पंडालों के आसपास भीड़ बढ़ने से सड़कों पर दबाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा आम नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
रजनी चौक से निकले फ्लैग मार्च में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के साथ सदर एसडीओ, नगर आयुक्त, सदर एसडीपीओ और पुलिस टीम की मौजूदगी ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की तैयारियों को रेखांकित किया।
असामाजिक तत्वों को संदेश, शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी की
फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार के अवसर पर किसी भी तरह के विवाद, अफवाह या असामाजिक गतिविधि से बचना जरूरी है। पुलिस की सक्रियता के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी शांतिपूर्ण आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पूर्णिया में दुर्गा पूजा को लेकर निकाला गया यह फ्लैग मार्च सुरक्षा के प्रति प्रशासन की सतर्कता और आम लोगों को भरोसा दिलाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब प्रशासन की कोशिश है कि मां दुर्गा की आराधना का यह पर्व पूरे शहर में शांति, सद्भाव, उत्साह और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो








