धर्मेंद्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णिया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्वच्छता ही सेवा-2026 कार्यक्रम का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महानंदा सभागार, पूर्णिया में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत की और अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त नगर निगम पूर्णिया, महापौर नगर निगम पूर्णिया, डीआरडीए के निदेशक, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, जिला समन्वयक, सलाहकार सहित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता को केवल एक अभियान के रूप में नहीं, बल्कि नियमित व्यवहार और जनभागीदारी के रूप में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत विकसित भारत” निर्धारित की गई है। अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद छोटे-बड़े गंदगी वाले स्थानों एवं स्वच्छता लक्षित इकाइयों की पहचान कर उन्हें गंदगी मुक्त करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।अभियान के दौरान जिले की सभी पंचायतों और प्रखंडों में सार्वजनिक स्थलों की सफाई कराई जाएगी। घर, परिवेश, गांव और मोहल्लों को स्वच्छ बनाने के साथ प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के लिए श्रमदान और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।सार्वजनिक स्थलों के साथ सरकारी एवं निजी कार्यालयों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, हाट-बाजारों और जलस्रोतों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान के तहत सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में उनके स्वास्थ्य की जांच कराने के साथ बीमा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल की जाएगी।लोगों को स्वच्छता को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करने के लिए विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। लोगों से जूट, कपड़े, कागज अथवा अन्य इको-फ्रेंडली सामग्री से बने थैलों का इस्तेमाल करने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखने की अपील की जाएगी।जिला प्रशासन की ओर से अभियान के दौरान जनभागीदारी और श्रमदान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अभियान की गतिविधियों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करते हुए स्वच्छता के प्रति लोगों में स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाए।








