धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
कसबा, पूर्णिया। सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर लोक आस्था का प्रमुख पर्व विषहरी पूजा (मनसा देवी पूजा) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नागों की अधिष्ठात्री मां विषहरी को समर्पित इस पूजा को लेकर कसबा प्रखंड के मोहिनी पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 7, मोदीवाड़ी स्थित पावन धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।आस्था और विश्वास का यह केंद्र स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहां सच्ची श्रद्धा से मां विषहरी की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
सर्पदंश से रक्षा की कामना
विषहरी पूजा मुख्य रूप से सर्पदंश के भय से मुक्ति, परिवार की सुख-शांति और संतान की रक्षा की कामना को लेकर की जाती है। पूजा के दौरान श्रद्धालु मां विषहरी को दूध, लावा, पुष्प सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद लेते हैं।सुबह की पहली किरण के साथ ही मोदीवाड़ी धाम में घंटियों की गूंज और मंत्रोच्चार शुरू हो जाता है। पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही देर तक जारी रहती है। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बना हुआ है।
पौराणिक मान्यताओं में विशेष स्थान
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां मनसा को भगवान शिव की मानस पुत्री और आस्तिक ऋषि की बहन माना जाता है। सावन में बारिश के कारण सांप और अन्य विषैले जीव-जंतु अपने बिलों से बाहर निकलते हैं। इसी वजह से इस मौसम में सर्पदंश से बचाव और प्रकृति के प्रति आभार के भाव से मां विषहरी की पूजा की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
परिवार की सुख-समृद्धि के लिए होती है पूजा
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां विषहरी की आराधना करने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है और परिवार पर आने वाले संकट टलते हैं। कई लोग संतान की सुरक्षा, परिवार के आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर भी पूजा-अर्चना करते हैं।पूजा को लेकर विभिन्न स्थानों पर मंदिरों और पूजा स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। सुबह से ही श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा की जा रही है।
मोदीवाड़ी धाम बना आस्था का प्रमुख केंद्र
मोहिनी पंचायत का मोदीवाड़ी स्थित यह धाम धीरे-धीरे क्षेत्र में आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। यहां स्थानीय ग्रामीणों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्ति और विश्वास की यह डोर मोदीवाड़ी को एक अलग पहचान दे रही है।
श्रद्धा, विश्वास और परंपरा के इस पर्व पर मोदीवाड़ी धाम का पूरा वातावरण मां विषहरी की भक्ति में रंगा नजर आ रहा है।








