धर्मेन्द्र कुमार लाठ, पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णिया दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में करीब छह साल बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। दिशा सालियान की मौत के कुछ दिनों बाद ही सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच समय के अंतर के कारण लंबे समय से इनके बीच संभावित संबंध को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिशा सालियान मामले में सीबीआई की नई जांच शुरू होने से सुशांत सिंह राजपूत के परिवार और उनके प्रशंसकों की निगाहें भी इस जांच पर टिक गई हैं। परिवार की ओर से सुशांत की मौत को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी आपराधिक संबंध की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
सुशांत सिंह राजपूत का पैतृक गांव मलड़िहा, पूर्णिया जिले में है। ऐसे में दिशा सालियान मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने की खबर के बाद उनके पैतृक गांव और पूरे पूर्णिया जिले में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हुई है। पूर्णिया संवाददाता धर्मेन्द्र कुमार लाठ ने सुशांत सिंह राजपूत के भाई पन्ना सिंह से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि छह साल बाद शुरू हुई इस जांच से परिवार को क्या उम्मीद है।
पन्ना सिंह ने बातचीत में दिशा सालियान की मौत के मामले को लेकर कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने का आरोप लगाया। उन्होंने आदित्य ठाकरे का नाम लेते हुए उन्हें मामले के लिए जिम्मेदार बताया। हालांकि, ये आरोप पन्ना सिंह के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से उनके परिवार और प्रशंसकों की ओर से मामले की जांच को लेकर अलग-अलग सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में भी सुशांत और दिशा सालियान की मौत के बीच संभावित संबंध को लेकर कई दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन इन दावों और आधिकारिक रूप से स्थापित तथ्यों में अंतर है। अब दिशा सालियान मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल की जाएगी।
सीबीआई की जांच में मामले से जुड़े दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
इधर, बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में देर हुई है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सुशांत सिंह राजपूत को न्याय मिलेगा और पूरे बिहार को भी न्याय मिलेगा। उन्होंने न्याय व्यवस्था और अदालत पर भरोसा जताया।
सुशांत सिंह राजपूत के निधन के वर्षों बाद भी उनके प्रशंसकों और परिवार के बीच उनकी मौत से जुड़े सवाल चर्चा में बने हुए हैं। अब दिशा सालियान मामले में सीबीआई की नई जांच ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सुशांत के पैतृक गांव मलड़िहा से लेकर मुंबई तक अब निगाहें सीबीआई की जांच पर हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि दिशा सालियान की मौत के मामले में वास्तविक घटनाक्रम क्या था और क्या इस जांच से सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े किसी नए तथ्य का पता चलता है।








