मवेशियों के कथित अवैध परिवहन पर SDPO-2 डॉ. गौरव कुमार का एक्शन, केनगर में 26 मवेशी बरामद और पांच वाहन जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार कसबा की कार्रवाई से भी मचा हड़कंप

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धर्मेन्द्र कुमार लाठ

 

पूर्णिया। पूर्णिया जिले में मवेशियों के कथित अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बीच सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. गौरव कुमार का नाम एक बारफिर चर्चा में है। केनगर थाना क्षेत्र के कजरा पुल पर 26 मवेशियों की बरामदगी और पांच वाहनों की जब्ती की जानकारी सामने आने के बाद इस मामले ने जिले में ध्यान खींचा है। इससे पहले 3 अक्टूबर को कसबा थाना क्षेत्र में भी सात मवेशियों से लदे पिकअप वाहन को जब्त करने और दो आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना सामने आई थी। दोनों घटनाओं ने मवेशियों के परिवहन से जुड़े मामलों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई को महत्वपूर्ण बना दिया है

 

केनगर में हुई कार्रवाई में दो पिकअप और तीन टेंपो समेत कुल पांच वाहनों को जब्त किए जाने की जानकारी है। बरामद किए गए 26 मवेशियों के संबंध में अब उनके स्रोत, स्वामित्व और संभावित गंतव्य का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा होगा। साथ ही, वाहनों के मालिकों, चालकों और परिवहन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है

इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या को लेकर उपलब्ध विवरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। पुलिस की ओर से जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई, परिवहन के नेटवर्क की पड़ताल अहम

सदर-2 SDPO डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में केनगर और कसबा में सामने आई कार्रवाइयों के बाद अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मवेशियों को कहां से लाया जा रहा था और उन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। यदि परिवहन संबंधी दस्तावेजों में अनियमितता मिलती है या किसी कानून के उल्लंघन के साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

 

केनगर में एक साथ 26 मवेशियों और पांच वाहनों की बरामदगी के मामले में जब्त वाहनों के दस्तावेज, मवेशियों के स्वामित्व से संबंधित जानकारी और परिवहन में शामिल लोगों के बयानों से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच के आधार पर यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल एक परिवहन घटना तक सीमित है या इसमें अन्य लोगों की भूमिका भी रही है।

हालांकि, फिलहाल किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता या दोनों थाना क्षेत्रों की घटनाओं के बीच प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

3 अक्टूबर को कसबा में भी हुई थी कार्रवाई

कसबा थाना क्षेत्र में 3 अक्टूबर को सात मवेशियों से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किए जाने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। इस घटना के बाद केनगर में 26 मवेशियों की बरामदगी का मामला सामने आने से जिले में मवेशियों के कथित अवैध परिवहन पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।

दोनों घटनाओं में कुल 33 मवेशियों की बरामदगी और छह वाहनों की जब्ती का विवरण सामने आया है। हालांकि, दोनों मामलों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस के लिए मवेशियों के स्रोत, गंतव्य और परिवहन के उद्देश्य का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।

बंगाल-बांग्लादेश कनेक्शन की आशंका, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

सीमांचल क्षेत्र में मवेशियों के कथित अवैध परिवहन को लेकर पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक संभावित संपर्क की आशंकाएं भी जताई जाती रही हैं। लेकिन केनगर और कसबा में हुई इन कार्रवाइयों का किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से संबंध होने की पुष्टि करने वाला आधिकारिक विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

इसलिए बरामद मवेशियों को बांग्लादेश ले जाने की योजना से जोड़कर देखना अभी उचित नहीं होगा। जांच में यदि ऐसे किसी नेटवर्क से संबंधित ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तभी इस दिशा में कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

अब पुलिस जांच से जुड़े खुलासों पर नजर

SDPO-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में सामने आई इन कार्रवाइयों के बाद अब पुलिस जांच के नतीजों पर निगाहें टिकी हैं। मवेशियों का स्रोत, उनके गंतव्य, जब्त वाहनों का इस्तेमाल और आरोपियों की भूमिका जैसे बिंदु मामले की दिशा तय करेंगे। पशुओं की स्थिति और उनके परिवहन के दौरान लागू नियमों के पालन की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल, केनगर में 26 मवेशियों की बरामदगी और पांच वाहनों की जब्ती तथा कसबा में सात मवेशियों से लदे पिकअप की जब्ती से जुड़े मामले पुलिस जांच के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि इन घटनाओं के पीछे अलग-अलग कारण थे या इनके बीच कोई व्यापक संबंध भी मौजूद है।

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