धर्मेन्द्र कुमार लाठ, पूर्णिया ब्यूरो
पूर्णिया। एक दौर था जब बिहार में उद्योग लगाने की बात सुनते ही निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े हो जाते थे। सड़क, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून-व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर बनी धारणा के कारण बड़े निवेश के लिए बिहार को लेकर भरोसा कमजोर था। लोजपा (रामविलास) के कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह का कहना है कि पिछले करीब दो दशकों में परिस्थितियां बदली हैं और अब बिहार उद्योग तथा निवेश के लिए नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह बात पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
नितेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार की तस्वीर को केवल अतीत के नजरिए से देखने के बजाय वर्तमान में हुए बदलावों को भी समझना होगा। उनके अनुसार बेहतर सड़क, बिजली, कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और निवेश से जुड़ी सरकारी व्यवस्थाओं ने कारोबार के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। उन्होंने कहा, “मेरे नजर में बिहार अब जाकर इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार हुआ है। यह बिहार का टेकऑफ टाइम है।”
उन्होंने कहा कि उद्योग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एक उद्योग शुरू होने के साथ सीधे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और उसके आसपास परिवहन, होटल, रेस्टोरेंट, सेवा, सप्लाई और छोटे कारोबार भी विकसित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है।
विधायक ने कहा कि बिहार में अब केवल सरकारी नौकरी को रोजगार का एकमात्र सुरक्षित विकल्प मानने वाली सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। युवा स्टार्टअप, कारोबार, तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं। उनके मुताबिक नौकरी मांगने के साथ नौकरी देने वाली सोच को भी बढ़ावा मिलना चाहिए।
उन्होंने कारोबार में मुनाफे को व्यवसाय का स्वाभाविक हिस्सा बताते हुए कहा कि सफल उद्योग से कर्मचारियों को रोजगार और वेतन मिलता है, बैंक ऋण एवं ब्याज का भुगतान होता है और कारोबार के विस्तार के साथ नई आर्थिक गतिविधियां पैदा होती हैं।निवेश के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाने पर जोर देते हुए नितेश कुमार सिंह ने सिंगल विंडो व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने फायर एनओसी, पर्यावरणीय मंजूरी और निर्माण संबंधी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी से बचने की जरूरत बताई। साथ ही सब्सिडी, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, जीएसटी और बिजली से जुड़े प्रोत्साहनों तथा लैंड बैंक और औद्योगिक पार्क जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से कारोबार और निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।पूर्णिया में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के निवेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक सफल प्रोजेक्ट दूसरे निवेशकों में भी भरोसा पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, “बिजनेस अट्रैक्ट करता है बिजनेस।” उनके अनुसार किसी क्षेत्र में निवेश आने के बाद उससे जुड़े कई अन्य कारोबार के लिए भी अवसर बन सकते हैं।
नितेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार की पुरानी छवि को बदलने के लिए यहां के सफल उद्योग, स्टार्टअप, स्थानीय उत्पाद और युवा प्रतिभाओं की कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है। मखाना जैसे स्थानीय उत्पादों से लेकर आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप तक बिहार में कई क्षेत्रों में संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि बिहार में बदलाव का अगला चरण उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों से दिखाई दे सकता है। इसके लिए सरकार की नीतियों के साथ उद्योग जगत, युवाओं और समाज की भागीदारी तथा बिहार में कारोबार को लेकर बदलती सोच भी महत्वपूर्ण होगी।








