पूर्णियां। पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल कर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण जिले के विभिन्न बैंकों में सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहा। बैंकिंग यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कलाभवन रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग उठाई जा रही है। इसके बावजूद इस दिशा में अपेक्षित निर्णय नहीं होने से बैंक कर्मियों में नाराजगी है।यूएफबीयू के जिला अध्यक्ष रवि शंकर ने कहा कि बैंक कर्मियों की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह लागू करना है। बैंक कर्मियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश देने की व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं और सरकार से इस पर जल्द निर्णय की अपेक्षा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है। बैंक कर्मियों का कहना है कि लगातार काम के दबाव के बीच पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकेगा और वे अधिक प्रभावी तरीके से बैंकिंग सेवाएं दे सकेंगे।प्रदर्शन के दौरान पीएनबी यूनियन से जुड़े कर्मियों ने कहा कि देश के कई अन्य क्षेत्रों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था लागू है। बैंकिंग क्षेत्र को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाया जाना चाहिए। कर्मियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को भी सप्ताह में दो दिन अवकाश की सुविधा मिलनी चाहिए।
पीएनबी कर्मी अमित कुमार ने बैंक कर्मचारियों से जुड़ी पीएलआई को एक समान किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सरकार और संबंधित संस्थानों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे बैंक कर्मियों के काम करने की क्षमता और कार्यक्षमता भी जुड़ी हुई है।हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
एक दिवसीय हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। बैंक पहुंचे कई ग्राहकों को लेनदेन और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा आंदोलन कर्मचारियों के हित के साथ-साथ बैंकिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।बैंक कर्मियों ने सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह लागू करने, पीएलआई में एकरूपता लाने और अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।







