धर्मेन्द्र कु लाठ पूर्णिया
कसबा (पूर्णिया)। विजयादशमी पर कसबा के ऐतिहासिक रावण वध कार्यक्रम और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रशिक्षु आईएएस सह सदर अनुमंडल पदाधिकारी विगणेश टीए, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. गौरव कुमार, प्रखंड
विकास पदाधिकारी मधु कुमारी और कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने महावीर चौक स्थित ऐतिहासिक रावण वध स्थल तथा कौशी नदी के विसर्जन स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग और प्रतिमा विसर्जन के लिए बनाए गए वैकल्पिक रास्तों का जायजा लिया गया।
स्थल निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी विगणेश टीए ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल पदाधिकारी, थानाध्यक्ष और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि रावण वध कार्यक्रम से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, वहां सभी पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
रावण वध स्थल पर रहेगी बैरिकेडिंग, समिति सदस्यों को ही मिलेगी प्रवेश की अनुमति
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. गौरव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि रावण वध स्थल पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। बैरिकेडिंग के अंदर केवल समिति के सदस्यों को ही रहने की अनुमति होगी, ताकि कार्यक्रम के दौरान अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने पुलिस बल की तैनाती, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
20 से 21 अक्टूबर तक कोशी कॉलोनी से लीची बागान तक नो-एंट्री
प्रशासन के अनुसार, 20 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कोशी कॉलोनी से लीची बागान तक नो-एंट्री लागू रहेगी। इसका उद्देश्य रावण वध कार्यक्रम और प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ एवं वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग करें।
नदी में बांध और पक्की सड़क निर्माण के कारण बदली व्यवस्था
प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कौशी नदी के किनारे बांध और पक्की सड़क का निर्माण होने से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नगर परिषद की ओर से बांध से प्रतिमाओं को नदी किनारे तक सुगमता से पहुंचाने के लिए वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग भी तैयार कराया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पुराने रास्तों के बजाय प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग का उपयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
कसबा का ऐतिहासिक रावण वध कार्यक्रम हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में प्रशासन का लक्ष्य है कि विजयादशमी का आयोजन और प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पार्षद प्रतिनिधि गोपाल यादव, पार्षद सह सार्वजनिक दुर्गा मंदिर समिति के उपाध्यक्ष गौरव कुमार, भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रांतीय क्षेत्रीय प्रभारी एवं अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पूर्णिया जिलाध्यक्ष बमबम साह, पार्षद हसमत अली सहित अन्य लोग मौजूद थे।







