धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया
पूर्णिया भवानीपुर । पूर्णिया जिले के भवानीपुर अंचल कार्यालय में गुरुवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी अमीन प्रमोद कुमार उरांव को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन की मापी की रिपोर्ट देने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार के समीप की गई। निगरानी टीम की अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम गिरफ्तार अमीन को अपने साथ ले गई
कार्रवाई निगरानी डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में इंस्पेक्टर देवी प्रसाद गुप्ता, पवन कुमार समेत निगरानी विभाग के अन्य कर्मी शामिल थे। गुरुवार को करीब 11 बजे टीम ने निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने अमीन को तय रकम सौंपी, निगरानी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया।
30 हजार रुपये रिश्वत मांगने की हुई थी शिकायत
निगरानी डीएसपी संतोष कुमार के अनुसार, नगर पंचायत के माधवनगर निवासी बिलास साह ने भवानीपुर अंचल में पदस्थापित अमीन प्रमोद कुमार उरांव के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन की मापी की रिपोर्ट देने के एवज में अमीन उनसे 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की गई। इसके बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। शिकायतकर्ता और अमीन के बीच 20 हजार रुपये देने पर सहमति बनी थी।
रुपये देते ही निगरानी टीम ने दबोचा
गुरुवार को शिकायतकर्ता बिलास साह ने जैसे ही अमीन प्रमोद कुमार उरांव को तय रकम के रूप में 20 हजार रुपये दिए, निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने मौके पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और गिरफ्तार अमीन को अपने साथ ले गई।
इस कार्रवाई के बाद भवानीपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में अफरातफरी का माहौल बन गया। सरकारी कार्यालय में तैनात एक अमीन की रिश्वत लेते गिरफ्तारी से राजस्व विभाग के कामकाज और जमीन संबंधी मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जमीन की मापी रिपोर्ट के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने का आरोप
शिकायतकर्ता के आरोपों के मुताबिक, जमीन की मापी से संबंधित रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी। जमीन की मापी और उससे जुड़ी रिपोर्ट राजस्व संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में रिपोर्ट देने के बदले कथित रूप से रकम मांगे जाने की शिकायत ने इस मामले को गंभीर बना दिया।
निगरानी विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य शिकायत के आधार पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में कानूनी कदम उठाना था। अब मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर फिर उठा सवाल
भवानीपुर अंचल कार्यालय में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को सामने ला दिया है। जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को अंचल कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में रिश्वत मांगने की शिकायतें लोगों की परेशानी बढ़ाती हैं और सरकारी व्यवस्था पर भरोसे को प्रभावित करती हैं।
निगरानी टीम की इस कार्रवाई को रिश्वतखोरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
फिलहाल, 20 हजार रुपये रिश्वत लेते अमीन प्रमोद कुमार उरांव की गिरफ्तारी के बाद भवानीपुर अंचल कार्यालय में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।








