धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया
पूर्णिया केनगर, ।पूर्णिया में मोबाइल छिनतई और चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में केनगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 10 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की एक पल्सर बाइक बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि मोबाइल छिनतई से लेकर चोरी के मोबाइल को ठिकाने लगाने तक का कथित नेटवर्क किस तरह काम करता है
गिरफ्तार आरोपियों में रूपेश कुमार, लालकृष्ण कुमार और मोबाइल दुकानदार मो. इश्तियाक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में दुकानदार की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह चोरी के मोबाइल खरीदकर उनके पुर्जे अलग करता था और फिर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचता था। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला मोबाइल छिनतई के साथ-साथ चोरी के सामान की खरीद-बिक्री के संगठित नेटवर्क की पड़ताल में भी अहम साबित हो सकता है।
10 मोबाइल बरामद, अब स्रोत और खरीदारों की तलाश अहम
पुलिस के लिए अब बरामद मोबाइल फोन के स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा। जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल किन घटनाओं से जुड़े हैं, उन्हें कहां और किससे खरीदा गया था तथा कथित कारोबार में दूसरे लोगों की भूमिका है या नहीं। बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक के इस्तेमाल और उससे जुड़े तथ्यों की जांच भी मामले में अहम हो सकती है।
डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई, नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर नजर
सदर SDPO-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और 10 मोबाइल की बरामदगी पुलिस को आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है। अब जांच का अगला पहलू कथित अंतरजिला नेटवर्क की पहुंच, चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री और उनके पुर्जों को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के आरोपों की पुष्टि करना है।
केनगर, पूर्णिया। पूर्णिया में मोबाइल छिनतई और चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में केनगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 10 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की एक पल्सर बाइक बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि मोबाइल छिनतई से लेकर चोरी के मोबाइल को ठिकाने लगाने तक का कथित नेटवर्क किस तरह काम करता था।
गिरफ्तार आरोपियों में रूपेश कुमार, लालकृष्ण कुमार और मोबाइल दुकानदार मो. इश्तियाक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में दुकानदार की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह चोरी के मोबाइल खरीदकर उनके पुर्जे अलग करता था और फिर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचता था। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला मोबाइल छिनतई के साथ-साथ चोरी के सामान की खरीद-बिक्री के संगठित नेटवर्क की पड़ताल में भी अहम साबित हो सकता है।
10 मोबाइल बरामद, अब स्रोत और खरीदारों की तलाश अहम
पुलिस के लिए अब बरामद मोबाइल फोन के स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा। जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल किन घटनाओं से जुड़े हैं, उन्हें कहां और किससे खरीदा गया था तथा कथित कारोबार में दूसरे लोगों की भूमिका है या नहीं। बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक के इस्तेमाल और उससे जुड़े तथ्यों की जांच भी मामले में अहम हो सकती है।
डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई, नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर नजर
सदर SDPO-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और 10 मोबाइल की बरामदगी पुलिस को आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है। अब जांच का अगला पहलू कथित अंतरजिला नेटवर्क की पहुंच, चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री और उनके पुर्जों को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के आरोपों की पुष्टि करना है।
फिलहाल, पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की भूमिका और बरामद सामान से जुड़े सभी तथ्यों की जांच जरूरी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल, पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की भूमिका और बरामद सामान से जुड़े सभी तथ्यों की जांच जरूरी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।








