प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंककर रिश्ते तोड़ने का किया ऐलान

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मो शमीम आलम केनगर

 (पूर्णिया)। केनगर प्रखंड से सटे मरंगा थाना क्षेत्र की गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर-1 में प्रेम विवाह को लेकर विरोध का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी मर्जी से अंतरजातीय विवाह करने वाली युवती से नाराज होकर जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसकी शव यात्रा निकाली और अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। घटना के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने अपने घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली। बताया गया कि मिलन का रिया के घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से भी थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुआ और बाद में दोनों ने अपनी मर्जी से शादी कर ली।
शादी की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने रिया की तलाश शुरू की। मामले को लेकर पंचायत भी बैठी। परिजनों की ओर से युवती को वापस घर लाने का प्रयास किया गया। बताया गया कि पंचायत में लड़के पक्ष से भी युवती को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में थाने में दर्ज कराए गए धारा 164 के बयान में रिया ने अपनी इच्छा से मिलन के साथ रहने की बात कही। इसके बाद परिजनों की नाराजगी और बढ़ गई।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, इसके बाद समाज में अपनी प्रतिष्ठा को लेकर नाराज लोगों ने रिया का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने कुश से रिया का पुतला तैयार किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ पुतले की शव यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों द्वारा शव यात्रा के दौरान “राम नाम सत्य है” के नारे लगाए गए। इसके बाद नहर किनारे खेत में पुतले का अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों ने इस प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के माध्यम से रिया से सभी रिश्ते खत्म करने की बात कही है। परिवार की ओर से कहा गया कि अब रिया का इस परिवार से कोई नाता-रिश्ता नहीं रहेगा। परिजनों ने आगे पारिवारिक परंपरा के अनुसार अन्य रस्में पूरी करने की भी बात कही है।
रिया के चाचा शशिधर गिरी ने कहा, “सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?” उन्होंने प्रेम विवाह को लेकर परिवार की नाराजगी जाहिर की।
रिया की मां नीतू देवी ने कहा कि उनकी बेटी 12वीं पास थी। उन्होंने बताया कि उनके पति टोटो चलाने के साथ मजदूरी करते हैं और काफी मेहनत कर बेटी की पढ़ाई-लिखाई कराई थी। उन्होंने कहा कि रिया उनकी सबसे बड़ी बेटी थी। परिवार ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। नीतू देवी के अनुसार, परिवार ने भागलपुर के एक सरकारी शिक्षक से करीब छह लाख रुपये में रिया की शादी तय की थी, लेकिन बेटी के अपनी मर्जी से शादी करने से परिवार को काफी ठेस पहुंची।वहीं, समाजसेवी डब्लू यादव ने कहा कि ढोल-नगाड़ों के साथ प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर समाज को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने इसे सामाजिक विरोध के रूप में किया है।
घटना का वीडियो और इसकी चर्चा इलाके में तेजी से फैलने के बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ युवती द्वारा अपनी मर्जी से विवाह करने की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर इसका बेहद आक्रामक तरीके से विरोध किया है।घटना ने व्यक्तिगत पसंद, अंतरजातीय विवाह, पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक दबाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, युवती और उसके पति का पक्ष इस मामले में सामने आना अभी बाकी है। साथ ही, घटना को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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