धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
कसबा प्रखंड कार्यालय के सभागार में मंगलवार को प्रखंड बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर भाजपा अध्यक्ष सह प्रखंड बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं बीस सूत्री समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में कसबा प्रखंड क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं, विकास योजनाओं की प्रगति तथा सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए अधिकारियों से उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
बैठक में कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा, पेयजल, जलजमाव, नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली व्यवस्था, किसानों की समस्याओं तथा खाद की उपलब्धता सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की मांग की।
अधिकारियों को विधायक की कड़ी हिदायत
बैठक के दौरान कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि “हवाई-हवाई से काम नहीं चलेगा। बैठक में आने से पहले होमवर्क कर लें, ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सवालों का सटीक जवाब मिल सके।”विधायक ने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत क्षेत्र में क्या काम हुआ है, क्या काम चल रहा है और आगे क्या काम होना है, इसकी स्पष्ट जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता को दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता से सीधे जुड़े होते हैं और उनके माध्यम से क्षेत्र की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचती हैं। ऐसे में अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों को गंभीरता से लेते हुए योजनाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए।
अधिकारियों ने दिए सवालों के जवाब
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकारियों ने समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यों की स्थिति की जानकारी दी।इस दौरान बीडीओ मधु कुमारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बीडीओ ने अधिकारियों से क्षेत्र में चल रही योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
किसानों और खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठा
बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने तथा कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने की मांग की। इसके अलावा प्रखंड क्षेत्र में पेयजल की स्थिति, नल-जल योजना, बिजली, जलजमाव और आवास योजना से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या के कारण आम लोगों को काफी परेशानी होती है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की आवश्यकता है।
सभी विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति के सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को सरकार की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि समीक्षा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग गंभीरता से कार्रवाई करेंगे और कसबा प्रखंड क्षेत्र की लंबित जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
अंचल कार्यालय से बिचौलिये गायब होने चाहिए : अमरेंद्र कुमार
बैठक की अध्यक्षता कर रहे बीस सूत्री अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण बात उठाई। उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालय से बिचौलियों का प्रभाव पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। आम लोगों को अपने काम के लिए किसी बिचौलिये के सहारे कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आम जनता के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहें, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है।अमरेंद्र कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही क्षेत्र की समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता के साथ काम करने और आम लोगों की समस्याओं का समय पर निष्पादन करने की मांग की।








