धर्मेन्द्र कु लाठ पूर्णिया
पूर्णिया। आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध पूर्णिया पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को कसबा थाना पुलिस ने बैसा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान गांजा बरामद कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 2.657 किलोग्राम गांजा तथा तस्करी में प्रयुक्त एक काले रंग की राइडर मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस अब इस मामले में गांजा की आपूर्ति करने वाले और इसे प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
SDPO डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर कसबा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार छापेमारी और वाहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में 11 अक्टूबर को सुबह करीब 7:30 बजे बैसा मोड़ के पास पुलिस वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान जलालगढ़ की ओर से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो व्यक्ति तेज गति से आते दिखाई दिए।
पुलिस ने मोटरसाइकिल को रोकने का इशारा किया तो चालक ने कथित तौर पर वाहन को घुमाकर पीछे की ओर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर तैनात सशस्त्र बल के सहयोग से पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया।
इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई और नियमानुसार तलाशी की कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे शंभु साहनी के पास से 2.657 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद गांजा और मोटरसाइकिल की विधिवत वीडियोग्राफी कराते हुए दोनों को जब्त कर लिया तथा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जलालगढ़ के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शंभु साहनी (47 वर्ष), पिता गया साहनी, तथा दिलीप कुमार साहनी (31 वर्ष), पिता भदो साहनी, दोनों निवासी चक हाट, वार्ड संख्या-05, थाना जलालगढ़, जिला पूर्णिया के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शंभु साहनी के विरुद्ध कटिहार नगर थाना कांड संख्या 233/23, दिनांक 26 मार्च 2023, धारा 8/20/22/25 एनडीपीएस एक्ट के तहत पूर्व का मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका, सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
गांजा बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल संभावित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के स्तर पर बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थ की आपूर्ति करने वाले स्रोत और आगे इसकी बिक्री या वितरण से जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सके। हालांकि, फिलहाल किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह के ध्वस्त होने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही तस्करी नेटवर्क की वास्तविक सीमा स्पष्ट हो सकेगी।
SDPO डॉ. गौरव कुमार की आम लोगों से अपील
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के संबंध में सूचना देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दी जा सकती है।
डॉ. गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए पुलिस का सहयोग करें तथा अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल में पु०नि० सह थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, पु०अ०नि० शैलेश कुमार, बीएचजी 9900 रामाश्रय मेहता तथा बीएचजी 392665 सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।
इस संबंध में कसबा थाना कांड संख्या 437/26, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(b)(ii)(B) में मामला दर्ज किया गया है।
पूर्णिया पुलिस की इस कार्रवाई को पर्व-त्योहारों के दौरान नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब जांच का मुख्य केंद्र गांजा की आपूर्ति के स्रोत, संभावित खरीदारों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है।
संदेश साफ है—नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है और आम नागरिकों की गोपनीय सूचना इस अभियान को और प्रभावी बना सकती है।








