धर्मेन्द्र कुमार लाठ पूर्णिया ब्यूरो
रूपौली/पूर्णिया। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे रूपौली प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सुविधाएं सही तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं, इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने बुधवार को रूपौली प्रखंड के विभिन्न इलाकों में संचालित 7 सामुदायिक रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने रसोई केंद्रों पर पहुंचकर भोजन की व्यवस्था, पेयजल तथा बाढ़ पीड़ितों को मिल रही अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान धमदाहा अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार, रूपौली प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह, अंचल अधिकारी शिवानी सुरभि, राजस्व अधिकारी अमित कुमार अमन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीएम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी।डीएम अंशुल कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को किसी भी परिस्थिति में भोजन और शुद्ध पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की बात भी कही गई।
सुबह-शाम उपलब्ध कराया जा रहा गर्म भोजन
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुबह और शाम गर्म एवं ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई केंद्रों पर बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित महिला, पुरुष और बच्चे पहुंचकर भोजन कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को भोजन और पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े।राहत व्यवस्था के तहत कोयली सिमरा पूर्व पंचायत के कौशिकपुर, कोयली सिमरा पश्चिम के पुरानी नंदगोला, साधोपुर, मंझोडीह, अंझरी समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति और प्रभावित आबादी की जरूरतों के अनुसार राहत व्यवस्था को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
4 मेडिकल टीमों की तैनाती, जांच के साथ दवा वितरण
बाढ़ प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से चार विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी इलाके में स्वास्थ्य संबंधी समस्या बढ़ती है तो वहां तत्काल मेडिकल टीम भेजकर आवश्यक उपचार एवं दवा उपलब्ध कराई जाए।
जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाएगी राहत व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित परिवारों की संख्या, जलस्तर और राहत की जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जिन क्षेत्रों में अधिक लोगों को भोजन की आवश्यकता हो, वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू किए जाएं।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत से वंचित न रहे।अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने तथा ग्रामीणों की समस्याओं को तत्काल संज्ञान में लेकर उसका समाधान कराने को कहा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार निगरानी और सामुदायिक रसोई तथा मेडिकल टीमों की तैनाती से बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।








