कसबा । गढ़बनैली में श्मशान घाट (मुक्तिधाम) निर्माण के लिए 10 डिसमिल भूमि दान मिलने के बाद जहां वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है, वहीं कसबा नगर परिषद क्षेत्र के लोग आज भी मुक्तिधाम निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।गढ़बनैली निवासी एवं पूर्णिया के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. डी.एन. भगत ने श्मशान घाट निर्माण के लिए 10 डिसमिल भूमि निःशुल्क दान दी है। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहनीय बताया है। इस कार्य को आगे बढ़ाने में घोड़दौर पंचायत के पूर्व सरपंच नवीन कुमार राय तथा राजीव नंदन भगत की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है।
दूसरी ओर, कसबा नगर परिषद में मुक्तिधाम निर्माण की मांग वर्षों से उठती रही है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित केशव सहित कई जागरूक नागरिकों ने समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया और नगर परिषद तथा प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
बीते महीनों में नगर परिषद कसबा और अंचल कार्यालय की ओर से कई बार यह कहा गया कि मुक्तिधाम के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो भूमि चयन की आधिकारिक जानकारी सामने आई है और न ही निर्माण कार्य शुरू हो सका है।ऐसे में लोगों के बीच निराशा बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा होने लगी है कि “ये तो वादे हैं, वादों का क्या?” लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। अब वे चाहते हैं कि प्रशासन और नगर परिषद स्पष्ट रूप से बताए कि मुक्तिधाम निर्माण की प्रक्रिया किस चरण में है और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या होगी।
बढ़ती आबादी वाले कसबा नगर परिषद क्षेत्र में मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव एक गंभीर जनसुविधा का विषय है। गढ़बनैली की पहल यह दिखाती है कि इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान संभव है। ऐसे में कसबा के लोग भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वर्षों से लंबित यह मांग अब जल्द पूरी होगी।सवाल आज भी वही है गढ़बनैली में मुक्तिधाम बनने की राह खुल गई, लेकिन कसबा नगर परिषद के लोगों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार की यह बुनियादी सुविधा आखिर कब मिलेगी?







