
धर्मेंद्र कु लाठ पूर्णिया
महागठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के विकास के लिए केंद्र ने कोई काम नहीं किया। भाजपा की तरफ से कोई काम देशहित में नहीं हो रहा है। बिहार को जितना मदद का भरोसा दिया गया,
वह आज तक नहीं मिला। आठ साल में केंद्र की ओर से मात्र 59 लाख करोड़ की राशि मिली है। पूर्णिया में एयरपोर्ट सबसे पहले बनना था, लेकिन नहीं बना। एयरपोर्ट के लिए जितनी जमीन मांगी गई, हमने दिया। अमित शाह ने पूर्णिया में आकर कह दिया एयरपोर्ट चालू हो गया, लेकिन आज तक एयरपोर्ट चालू नहीं हो पाया। नीतीश कुमार ने कहा कि कांग्रेस अपना स्टैंड क्लियर करे। हम लोग एक साथ रहेंगे तो भाजपा को 2024 के चुनाव में 100 सीट भी नहीं मिल पाएगी। सीएम नीतीश कुमार ने महारैली को संबोधित करते हुए कहा कि सातों पार्टियों ने मिलकर तय किया कि पहली सभा हमलोग पूर्णिया में करेंगे।
जब हम लोगों ने महागठबंधन बनाया तो दिल्ली से दो नेता हैं एक प्रधानमंत्री हैं और गृह मंत्री। क्या अनुभव है इन लोगों का ? क्या देश की आजादी को जानते हैं ? ये लोग कोई काम नहीं करते हैं कब्जा किए हुए हैं। एक आध बार हमलोग का छप जाता है उनलोगों का छपते रहता है। कोई बिहार के विकास के लिए काम हुआ ? यहां आकर क्या-क्या कह दिया था। आजादी की लड़ाई से इन लोगों को क्या मतलब है।बिहार के पूर्णिया में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर महागठबंधन का आज पहला बड़ा महाजुटान हो रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाषण के बीच शिक्षक अभ्यर्थियों ने बहाली की मांग को लेकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया तभी सीएम भड़क गए। उन्होंने कहा कि यहां क्यों आए हो। क्या आपको मालूम है कि बिहार में कितने शिक्षकों की बहाली हुई और कितनों की होने वाली है। चिंता मत करो बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली होगी। सीएम नीतीश ने कहा कि बीजेपी वाले उनपर शरद यादव और जॉर्ज फर्नांडिस को साइडलाइन करने के आरोप लगा रहे हैं जो पूरी तरह गलत है। शरद यादव 2009 में चुनाव हार गए थे, तो भी पार्टी नें उन्हें राज्यसभा से भेजा था। जॉर्ज फर्नांडिस पार्टी में सक्रिय रहे। तबीयत खराब हो गई इसलिए सक्रियता कम हो गई। दूसरी ओर, बीजेपी वालों ने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सरीखे नेताओं को साइडलाइन कर दिया है। मौके पर कई नेताओं की मौजूदगी रही।
सुरक्षा व्यवस्था दिखी चाक चौबंद – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री के महागठबंधन की रैली को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्त इंतजाम किये थे। सुरक्षा भी ऐसी कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। सैकड़ो पुलिसकर्मियों के हाथों में सुरक्षा की जिम्मेदारी रही। कोई भी बिना जांच के नहीं जा सके। मुख्यमंत्री के सुरक्षा में लगाए पुलिस कर्मी के आलावा कमाण्डों की तैनाती की गयी थी। हेलीपैड भी बनाया गया था। वहीं सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई थी। महागठबंधन की रैली को लेकर सड़क के दोनों किनारे बैरिकेड्स के साथ पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।

